
बहरागोड़ा/संवाददाता:–BAPI बहरागोड़ा:–बकाया मानदेय, पोषाहार राशि और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़ी समस्याओं को लेकर बहरागोड़ा प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान में हो रही देरी से नाराज सैकड़ों सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के नाम ज्ञापन सौंपकर विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की।


*बकाया भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी*



आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के अनुसार, लंबे समय से मानदेय का भुगतान लंबित रहने के साथ पोषाहार वितरण की राशि, मोबाइल फोन रिचार्ज तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन किराये का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है। इन आवश्यक खर्चों के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सेविकाओं का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाता है। इसके बावजूद भुगतान में देरी होने से केंद्रों के नियमित संचालन और दैनिक कार्यों को लेकर परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने विभाग से इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करने की मांग की।
*26 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार का ऐलान*
अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुईं सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग की ओर से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू करेंगी।उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की लगातार अनदेखी होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाना उनकी मजबूरी होगी। ऐसे में यदि हड़ताल शुरू होती है, तो प्रखंड क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
*सैकड़ों सेविकाओं ने दिखाई एकजुटता*
ज्ञापन सौंपने के दौरान बिना रानी दास, वनालता सेनापति, कारमी सोरेन, लक्ष्मी टूटू, सिंगो हेंब्रम, पारुल प्रधान, तृप्ति मन्ना, सुमित्रा साऊ, जयंती साऊ, भारती सिंह, छवि रानी दे और रीना नायक समेत सैकड़ों आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।सभी ने लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए विभाग से सकारात्मक पहल करने की अपील की।
*अब विभाग के अगले कदम पर टिकी निगाहें*
आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने और हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद अब सबकी निगाहें विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय तक समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो 26 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है।फिलहाल सेविकाओं एवं सहायिकाओं की मांग है कि उनके बकाया भुगतान सहित केंद्र संचालन से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके और आंगनबाड़ी सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से जारी रहे।


