
आदित्यपुर। आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने राज्य सरकार से आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है। निगम के मेयर संजय सरदार ने इस संबंध में सरकार को पत्र भेजकर शहर से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।


मेयर ने पत्र में कहा है कि जेआरडीसीएल (JARDCL) के माध्यम से निर्मित सड़कों और नालियों की सफाई का काम फिलहाल नगर निगम अपने स्तर से करा रहा है। इससे निगम के मौजूदा संसाधनों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। निगम का कहना है कि संबंधित व्यवस्था के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है।



इसी तरह आदित्यपुर और गम्हरिया बाजार क्षेत्र में सफाई तथा कचरा उठाव की जिम्मेदारी भी नगर निगम निभा रहा है। हालांकि, इन बाजारों से प्राप्त होने वाला राजस्व संबंधित बाजार समितियों के पास जाता है। ऐसे में नगर निगम ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने और जिम्मेदारी के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई है।
कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवाल
निगम ने क्षेत्र में कचरा निष्पादन का काम देख रही क्यूब (CUBE) एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर भी आपत्ति जताई है। नगर निगम के अनुसार, पिछले करीब 15 से 20 दिनों से एजेंसी की कार्यप्रणाली में कमी के कारण कई इलाकों में कचरा प्रबंधन प्रभावित हुआ है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई है।
नगर निगम ने सरकार से आग्रह किया है कि यदि सफाई और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थायी रूप से निगम को ही निभानी है, तो मौजूदा एजेंसी की भूमिका समाप्त कर आवश्यक संसाधनों के साथ निगम को जिम्मेदारी सौंपी जाए। इससे जवाबदेही तय करने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कचरा निष्पादन के लिए भूमि की मांग
नगर निगम ने शहर से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निष्पादन के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी है। निगम का मानना है कि स्थायी व्यवस्था के अभाव में कचरा प्रबंधन की समस्या लगातार बनी रह सकती है।
इसके अलावा जियाडा (JIADA) क्षेत्र में लगाए गए हाई-मास्ट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपने का प्रस्ताव भी रखा गया है। निगम का कहना है कि यदि इन प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी उसे हस्तांतरित कर दी जाती है, तो इनके नियमित रखरखाव और खराब होने की स्थिति में शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जा सकेगी।
नगर निगम ने उम्मीद जताई है कि सरकार की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने के बाद आदित्यपुर क्षेत्र में सफाई, कचरा निष्पादन और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।


