
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय (बी.एड) द्वारा सामुदायिक सेवा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। माननीय कुलपति प्रोफेसर इला कुमार के मार्गदर्शन में बी.एड प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने शहर के विभिन्न विशेष विद्यालयों एवं वृद्धाश्रमों में सेवा कार्य संपन्न किए। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं ने बिष्टुपुर स्थित नॉर्दर्न टाउन के “स्कूल ऑफ होप”, सोनारी के “बाल विहार स्कूल”, बारीडीह के “मूक-बधिर सिद्धेश्वर स्कूल” तथा “आदर्श वृद्धा आश्रम” में जाकर सेवा प्रदान की। छात्राओं ने समूहों में विभाजित होकर विशेष बच्चों के शैक्षणिक एवं मानसिक विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित कीं, जिनमें पेपर कटिंग, चित्रांकन, आर्ट एंड क्राफ्ट कार्यशालाएँ एवं क्विज प्रतियोगिताएँ शामिल थीं। इन गतिविधियों से बच्चों में उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ।


वृद्धाश्रम में छात्राओं ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताया, उनके अनुभवों को सुना और भावनात्मक सहयोग प्रदान किया। साथ ही जलपान एवं आवश्यक वस्तुओं का वितरण भी किया गया, जिससे सेवा एवं संवेदना का संदेश प्रसारित हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय की प्राध्यापिकाओं—डॉ. त्रिपुरा झा, डॉ. अरुणिमा कुमारी, डॉ. सुप्रिया लक्ष्मी मिश्रा, डॉ. सुधा सिंह दीप, डॉ. अंजनी कुमारी, डॉ. नीलम कुमारी सिंह, मिस आशा कुमारी, मिस विनीता कुमारी, मिस श्यामला, डॉ. कविता सिंह एवं डॉ. अनिता कुमारी—के निर्देशन में संपन्न हुआ। इसमें शिक्षा संकाय की कोऑर्डिनेटर डॉक्टर कामिनी कुमार एवं एचओडी डॉ संजय भुइया का भी योगदान रहा।



लगभग 100 छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। इस पहल ने छात्राओं को सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय मूल्यों एवं समावेशी शिक्षा के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक सकारात्मक शैक्षणिक एवं मानवीय योगदान पहुँचाया जा सके।


