
कांड्रा। सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा में करम पर्व के अवसर पर आयोजित करम महोत्सव में झारखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत की शानदार झलक देखने को मिली। एसकेजी मंच कांड्रा एवं झारखंड लोक कला संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। करम पूजा के साथ आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में झुमुर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।


महोत्सव की शुरुआत महिलाओं की पारंपरिक शोभायात्रा से हुई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में करम डाल लेकर शोभायात्रा के रूप में आयोजन स्थल तक पहुंचीं। इसके बाद विधिवत करम डाल स्थापित कर पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया गया।



करम डाल की स्थापना के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ओडिशा से पहुंचे झुमुर कलाकार रंजीत महतो एवं उनकी टीम ने लोक संगीत की प्रस्तुति दी। वहीं दीपक महतो एवं उनकी झुमुर टीम ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। झुमुर गीतों और पारंपरिक धुनों पर देर रात तक दर्शक तालियां बजाते और झूमते नजर आए।
कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद जोबा माझी एवं ईचागढ़ विधायक सबिता महतो के प्रतिनिधित्व में अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मौके पर झामुमो जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो, गणेश चौधरी, गणेश महाली, कृष्णा बास्के, आस्तिक महतो, सन्नी सिंह, संगीता महतो, संकरी सिंह, विधायक प्रतिनिधि सुधीर महतो, बांगी लाल महतो, बासुदेव महतो, मनोज महतो, केशव महतो, गौतम महतो हरिहरपुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूर्व विधायक स्वर्गीय साधुचरण महतो की पत्नी सारथी महतो भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
पत्रकारों को किया गया सम्मानित
महोत्सव के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए पत्रकार संजय सतपति, रविकांत गोप, दीपक महतो और माधव चंद्र साहू को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया। समिति ने पत्रकारों के स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने में योगदान की सराहना की। सम्मानित पत्रकारों ने आयोजन समिति के प्रति आभार जताया।
आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। अतिथियों ने कहा कि करम महोत्सव जैसे आयोजन झारखंड की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष राम महतो, सचिव राजकिशोर महतो, कोषाध्यक्ष विनय महतो, राजेंद्र महतो, संरक्षक सुधीर चंद्र महतो, विनय महतो हरिहरपुर, विजय महतो, गौतम महतो, महादेव महतो, विशाल कुमार, होनीसिंघ मुंडा, लाला महतो, मनीष, स्वरूप दे, कार्तिक महतो, अखिलेश महतो, कृष्णा मंडल, रामपद कालंदी, नागेन महतो, सोमनाथ महतो, परिच्छित महतो सहित कमेटी के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
महोत्सव के दौरान कांड्रा में देर रात तक लोकगीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर चलता रहा। हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने करम महोत्सव को खास बना दिया।


