
सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस मार्ग पर प्रतिदिन हादसे हो रहे हैं और कई बेगुनाह लोगों की जान जा रही है।


भाजपा नेता सुमित कुमार चौधरी ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से लगातार सरायकेला शहरी क्षेत्र के बाहर बाईपास सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।



उन्होंने कहा, “शहर में वाहनों और जनसंख्या का दबाव कई गुना बढ़ गया है। टाटा-कांड्रा औद्योगिक क्षेत्र के सैकड़ों भारी वाहन हाईवा, ट्रेलर रोज शहरी भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से गुजरते हैं। सड़क सुरक्षा केवल फाइलों तक सीमित रह गई है। हादसा संभावित क्षेत्रों में न बैरिकेडिंग है, न बंपर और न ही पुलिस गार्ड की तैनाती है।”
उन्होंने बताया कि साहेबगंज मोड़, राजबन्ध , गेराज चौक, कोर्ट मोड़, बिरसाचौक जैसे ब्लैक स्पॉट पर हर महीने जानलेवा हादसे हो रहे हैं। पिछले दिनों भी तेज रफ्तार के कारण हुई टक्करों में कई लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।
मुख्य मांगें:
1. सरायकेला शहरी क्षेत्र के बाहर से अविलंब बाईपास सड़क का निर्माण कराया जाए।
2. जब तक बाईपास नहीं बनता, सभी ब्लैक स्पॉट्स पर स्पीड ब्रेकर, बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और स्थायी पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाए।
3. सड़क दुर्घटनाओं की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने उपायुक्त सरायकेला-खरसावां और NHAI से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय नागरिक सड़क जाम और जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


