
सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी द्वारा आयोजित स्ट्रीट वेंडर सम्मेलन में पहली बार फुटपाथ दुकानदारों को पहचान के साथ सम्मान दिलाने की दिशा में ठोस पहल की गई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्ट्रीट वेंडरों की उपस्थिति रही, जहां उनके अधिकार, सुविधा और सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि अब स्ट्रीट वेंडरों को केवल व्यवसाय करने की अनुमति ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक पहचान भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वेंडर शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


अध्यक्ष श्री चौधरी ने कोरोना काल की परिस्थितियों को याद करते हुए स्ट्रीट वेंडरों की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों—चाहे वह कड़ी धूप हो, बारिश हो या ठंड—हर समय वेंडरों ने आम जनता की सेवा की है, जो अत्यंत प्रशंसनीय है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में स्ट्रीट वेंडरों को नैतिकता और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नगर पंचायत उन्हें पहचान और सम्मान देने की दिशा में कार्य कर रही है, उसी प्रकार वेंडरों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। शहर की साफ-सफाई बनाए रखना, निर्धारित स्थानों पर ही दुकान लगाना तथा अतिक्रमण मुक्त शहर बनाने में सहयोग करना उनकी भी जिम्मेदारी है।



कार्यक्रम में उपस्थित एलडीएम वरुण चौधरी ने स्ट्रीट वेंडरों को बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वेंडर आसानी से ऋण प्राप्त कर अपने व्यवसाय को सशक्त बना सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अविनाश कवि ने भी वेंडरों को संबोधित करते हुए कहा कि नगर पंचायत उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वेंडरों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। कार्यक्रम का संचालन बबन सिंह द्वारा किया गया।
इस मौके पर सीएमएम मनी मुकुंट सोरेन, कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज खाखा, दुर्गेश शर्मा, सूरज कुमार, प्रहलाद कुमार साहू, रोहित कुमार साहू, बजरंग महंती, रत्नेश्वर पटनायक, विशाल सिंह देव एवं सैकड़ों की संख्या में स्ट्रीट वेंडर उपस्थित थे।


