
उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, दुर्व्यवहार अथवा कर्तव्य में कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। प्राप्त शिकायतों के आलोक में संबंधित चिकित्सकों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर कार्यसंस्कृति, जवाबदेही एवं आमजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


उपायुक्त ने कहा कि बच्चों (दो बेटियों) की शिक्षा निरंतर जारी रखने हेतु आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा तथा आवश्यकता अनुसार आगे आवासीय विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराने की दिशा में पहल की जाएगी। साथ ही आश्रित पति को निकटवर्ती स्वास्थ्य उपकेंद्र में आउटसोर्सिंग के माध्यम से योग्यतानुसार रोजगार से जोड़ने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा/इंश्योरेंस से संबंधित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार संबंधित राशि भी परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।



मौके पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों एवं सहिया दीदियों द्वारा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम की कार्यशैली एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं। इस पर उपायुक्त द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिन कर्मियों के कार्य में सुधार की आवश्यकता है, उनके स्थानांतरण सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के नागरिकों का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनगर श्री मलय कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार, एमओआईसी राजनगर, पुलिस पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।


