
सरायकेला नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान को लेकर आज नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री अविनाश कवि, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता श्री एम.एल. गिलुवा, कनीय अभियंता श्री प्रकाश गुप्ता तथा नगर प्रबंधक श्री सुमित सुमन उपस्थित थे। बैठक में विशेष रूप से वार्ड संख्या 10 के बजरंगबली मंदिर से दुर्गा मंडप तक, कंसारी टोला से अटल क्लिनिक तक के क्षेत्र तथा वार्ड संख्या 6 के थाना चौक से पुराना बस स्टैंड के कुछ हिस्सों में गर्मी के मौसम के दौरान उत्पन्न होने वाली जलापूर्ति समस्या पर विस्तृत तकनीकी चर्चा की गई।


अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले 5-6 वर्षों से इन क्षेत्रों के लोग गर्मी के दिनों में जल संकट का सामना कर रहे हैं। वर्तमान नगर पंचायत बोर्ड इस समस्या को केवल अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि स्थायी समाधान के साथ समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक इस विषय पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता के साथ चार बार विस्तृत समीक्षा बैठक की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता, चाईबासा के साथ भी विशेष बैठक आयोजित की गई। समस्या की गंभीरता को देखते हुए रांची में विभागीय समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा विभाग के मुख्य अभियंता श्री निरंजन कुमार के समक्ष भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया तथा स्थायी समाधान हेतु आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया गया।



बैठक में पूर्व में WTP, इंटेक वेल, सम्प, ESR एवं संपूर्ण जलापूर्ति प्रणाली के संयुक्त निरीक्षण के दौरान चिन्हित तकनीकी खामियों की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान जल उत्पादन क्षमता, वितरण व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, मोटर-पंप प्रणाली, ओवरफ्लो नियंत्रण, जलमीनारों की मॉनिटरिंग तथा वितरण नेटवर्क से संबंधित कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आई थीं, जिनके सुधार की दिशा में कार्रवाई जारी है। आज की बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राइजिंग लाइन के माध्यम से जलापूर्ति उपलब्ध कराने की संभावना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अभियंताओं को तकनीकी व्यवहार्यता का परीक्षण कर शीघ्र प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। यदि तकनीकी रूप से यह प्रस्ताव उपयुक्त पाया जाता है, तो प्रभावित क्षेत्रों को राइजिंग लाइन से जोड़कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि नगर क्षेत्र में लगभग 2000 घरेलू जल कनेक्शन हैं। तकनीकी खराबी अथवा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति को छोड़ दें तो अधिकांश क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य रूप से संचालित होती है। वर्तमान में सीमित संख्या में घर ऐसे हैं जो वितरण नेटवर्क की पुरानी तकनीकी समस्याओं के कारण प्रभावित होते हैं। इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर उनका स्थायी समाधान करना ही नगर पंचायत का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारी कार्यशैली केवल बयानबाजी करने या दोषारोपण करने की नहीं है। बिजली, पानी, स्वच्छता अथवा अन्य किसी भी जनसमस्या को हम उसकी जड़ तक जाकर समझने और स्थायी समाधान निकालने के पक्षधर हैं। इसी सोच के तहत WTP की क्षमता वृद्धि, नए जलमीनारों का निर्माण, वितरण नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण तथा भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 15 MLD क्षमता के नए जलापूर्ति ढांचे की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी तथा तकनीकी रूप से संभव सभी विकल्पों पर कार्य कर जनता को शीघ्र राहत प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।हमारा लक्ष्य केवल आज की समस्या का समाधान नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों की पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था स्थापित करना है।” — मनोज कुमार चौधरी


