
International Workers’ Day के अवसर पर 1 मई 2026 को जमशेदपुर और आदित्यपुर में इंटक यानी इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस द्वारा एक भव्य और प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशाल रैली टाटा न्यूवोको गेट से टाटा यूनियन कार्यालय से शुरू होकर साकची और टाटा स्टील के रास्ते होते हुए आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर पहुंची, जहां यह एक बड़ी जनसभा में तब्दील हो गई। इस आयोजन में सैकड़ों मजदूरों ने भाग लेकर श्रमिक एकता का मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 44 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदलने के फैसले का विरोध करना रहा। मजदूरों ने इसे अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।


सभा को संबोधित करते हुए इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडे ने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव मजदूरों के हितों के खिलाफ है, और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।” वहीं जिला अध्यक्ष केपी तिवारी ने कहा कि “यह लड़ाई सिर्फ कानूनों की नहीं, बल्कि मजदूरों के सम्मान और भविष्य की है।”टाटा यूनियन वर्क्स के आर के सिंह , राणा सिंह और केशव महतो सहित अन्य श्रमिक नेताओं ने भी मजदूरों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।



इस दौरान नेताओं ने कहा कि मजदूर दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, बलिदान और अधिकारों की याद दिलाने वाला दिन है। हर साल 1 मई को यह दिन मजदूरों को उनके हक के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। जमशेदपुर और आदित्यपुर में हुआ यह आयोजन श्रमिक एकता, जागरूकता और संघर्ष का एक मजबूत प्रतीक बनकर सामने आया। इस अवसर पर कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र मरावी, रबिन्द्र सिंह, अशोक चौधरी, देविका सिंह, शशि भूषण प्रसाद, आर के सिंह, विजय खा, इंदर अग्रवाल, सूरज भदानी, राणा सिंह, सुनील सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


