
सरायकेला : अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आज सदर अस्पताल परिसर में नर्स बहनों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं, समर्पण एवं मानवता के प्रति योगदान के लिए सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में रीजनल डिप्टी डायरेक्टर (RDD), नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल उपाधीक्षक, अस्पताल परिवार एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बड़ी संख्या में नर्सें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात मोमबत्ती प्रज्वलित कर नर्सों ने सामूहिक रूप से सेवा की शपथ दोहराई तथा मानव सेवा के अपने संकल्प को पुनः मजबूत किया। कार्यक्रम के दौरान केक काटकर खुशियां भी साझा की गईं।


इस अवसर पर रीजनल डिप्टी डायरेक्टर (RDD) ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। मरीजों की सेवा, देखभाल और मानसिक संबल देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि नर्सों का कार्य केवल नौकरी नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।।“नर्सें केवल स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता की सच्ची मिसाल हैं। कोरोना के सबसे कठिन दौर में जब पूरा विश्व डर और अनिश्चितता से जूझ रहा था, तब नर्सों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की। उनकी समर्पित सेवाओं को मैंने स्वयं बहुत करीब से देखा है।



जब लोग अपने परिजनों से मिलने तक डर रहे थे, उस समय नर्सें दिन-रात मरीजों के बीच खड़ी रहीं। सफेद वर्दी में ये सच्चे कोरोना योद्धा हर मरीज की उम्मीद, हिम्मत और भरोसा बनीं। समाज कभी भी उनके इस त्याग और सेवा को भुला नहीं सकता। आज का दिन केवल सम्मान का नहीं, बल्कि उन सभी नर्स बहनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा। सभी नर्स बहनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को हृदय से नमन।”
वहीं सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में भावुक शब्दों में कहा —“स्वास्थ्य का क्षेत्र सेवा का क्षेत्र है। मरीज या उनके परिजन जब अस्पताल आते हैं तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर एवं परेशान रहते हैं। ऐसे समय में डॉक्टरों और नर्सों का अच्छा व्यवहार, संवेदनशीलता और सेवा भाव उन्हें नई उम्मीद देता है। इसलिए हमें दिल से सेवा और मानवीय व्यवहार रखना चाहिए, यही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।” सदर अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के लिए नर्सें सबसे बड़ा सहारा होती हैं। उनकी मुस्कान, धैर्य और सेवा भावना मरीजों को मानसिक शक्ति देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में नर्सों की भूमिका सदैव प्रेरणादायक रही है।
कार्यक्रम में बिंदिया कुजूर, प्रमिला रोबोट, प्रसादी खेत, अलका प्रधान, नीलम सोरेन, सुनीता शर्मा, सीमा महतो, सुजाता महतो, चिंता कुमारी, रश्मि लकड़ा सहित काफी संख्या में नर्सें एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।कार्यक्रम का वातावरण सेवा, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना से ओतप्रोत रहा तथा सभी ने स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।


