
खरसावां प्रखंड में शुक्रवार को “बायो रीजन चैंपियन ट्रेनिंग” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन खरसावां प्रखंड प्रमुख मनेद्र जामुदा, खरसावां मुखिया सुनिता तापे एवं जोजोडीह पंचायत के मुखिया मंगल सिंह जामुदा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के तीन से अधिक जिलों से आए ग्रामीण एवं आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ समुदाय को बायो रीजन, जैव विविधता संरक्षण, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक एवं संगठित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों के संरक्षण, पारंपरिक आदिवासी ज्ञान को सहेजने तथा सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा कौशल नेतृत्व, प्रभावी संवाद, सामुदायिक भागीदारी और गांव स्तर पर स्थानीय पहल विकसित करने को लेकर विशेष सत्र आयोजित किए गए।कार्यक्रम में भविष्य की रणनीति एवं सामुदायिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई, ताकि गांव स्तर पर जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास को मजबूत किया जा सके। प्रतिभागियों ने सामूहिक प्रयासों से प्रकृति और समुदाय के बीच संतुलन बनाए रखने तथा आदिवासी पारंपरिक व्यवस्था को सशक्त करने का संकल्प लिया।


प्रशिक्षकों में अरविंद अंजुम, संतोष कुमार, जया भारती, गोपाल भाई, मनोज कुमार सोय एवं वीरा केरकेट्टा शामिल रहे। वहीं समाज के प्रमुख सदस्यों में रामलाल हेंब्रम, सुखदेव हेंब्रम, अमीषा गागराई, आशा तीयु, नागेन सोय, गुरुचरण सरदार, दुर्गा मुंडा, उपेंद्र सरदार एवं जगन्नाथ उरांव सहित कई लोग उपस्थित थे।





