
पानी संकट पर चार पंचायतों लोगों ने मिलाया हाथ, संयुक्त संवाद आयोजित कर पानी की समस्या को समझने का प्रयास किया गया एवं समस्या का समाधान हेतु जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन के साथ समाधान के रास्ते एक दूसरे से साझा किए गए,


संवाद में उपस्थित महिलाओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी कुचाई श्री साधु चरण देवगम जी को पीने के पानी से संबंधित मांग पत्र सोफा है, बंद पड़े सोलर जलमीनारों की मरम्मत, नए डीप बोरिंग और पुराने चपकालों की मरम्मत करने हेतु,



पंचायत से आए जल सहीयाओ ने अपने-अपने गांव की जल समस्याएं को संवाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष रखा,
पहली बार महिलाओं ने पानी के मुद्दे पर अपनी बातें संवाद के माध्यम से सभी के समक्ष रखा महिलाओं का कहना है, पानी लाने में ही एक से दो घंटे समय चला जाता है, जिससे दैनिक कार्यों में काफी समस्या होती है बच्चों का स्कूल बाधित होता है, खाना पीना सही टाइम पर नहीं बन पाता है, महिला, युवा एवं बुजुर्गों ने कई सवाल पूछे जनप्रतिनिधि,जलसहिया एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी से, कई सारी जानकारियां लोगों को दी गई पानी से संबंधित, प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा की पहली बार पानी पर संवाद हो रहा है यह एक सामूहिक मुद्दा है जिसे हम सभी मिलकर संरक्षण करने का काम करेंगे, अपना अधिकार संगठन के जिला अध्यक्ष महेश मींज एवं आदिवासी हो समाज महासभा के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सोय ने कहा कि भूजल को रिचार्ज करने की जिम्मेदारी हम सबको लेनी होगी, इस संवाद कार्यक्रम में 10 गांव की महिला, युवा एवं बुजुर्ग काफी संख्या में उपस्थित रहे,
बाईडीह गांव के मुंडा श्री राजमोहन गुदूवा, पुतुलपी गांव के मुंडा श्री राजेंद्र बांदिया, मंगलवार पंचायत के उप मुखिया धीरज प्रधान, पंचायत समिति राजेश हेंब्रम, संगठन के सचिव डबुआ सोय, जीवन सोय, वीरा केरकेट्टा, वीर सिंह सिजुई, मानसिंह बांकीरा, जलसहिया मनसा गोपीन, लक्ष्मी सोय, प्यारी गागराई, पनमती हासदा, मनोज कुमार सोय,सालेन सोय, सन्ध्या उगुरसांडी, सुनीता उगुरसांडी, मीना कुई,जींगी सामाड, सुरेंद्र सरदार आदि मौजूद रहे।


